150+ Mohabbat Shayari in Hindi | इश्क़, प्यार और दर्द की बेहतरीन शायरी 

Mohabbat Shayari in Hindi : अगर आप दिल की गहराइयों से निकले जज़्बातों को शब्दों में महसूस करना चाहते हैं, तो यह 150+ Mohabbat Shayari in Hindi का शानदार संग्रह आपके लिए ही तैयार किया गया है। मोहब्बत सिर्फ एक एहसास नहीं होती, बल्कि यह किसी की याद, किसी का इंतज़ार, किसी की मुस्कान और कभी-कभी दिल के दर्द का नाम भी होती है। यही वजह है कि मोहब्बत शायरी लोगों के दिलों को सबसे ज़्यादा छूती है और अपने जज़्बात बयां करने का खूबसूरत जरिया बन जाती है।

इस लेख में आपको इश्क़ शायरी, प्यार भरी शायरी, दर्द भरी शायरी, रोमांटिक शायरी, और दिल को छू लेने वाली कई बेहतरीन शायरियाँ पढ़ने को मिलेंगी। चाहे आप अपने किसी खास इंसान के लिए प्यार का इज़हार करना चाहते हों, किसी की याद में खोए हों, या फिर अपने दिल का दर्द शब्दों में बयां करना चाहते हों, यहाँ आपको हर एहसास से जुड़ी शायरी मिलेगी। हर शायरी को इस तरह चुना गया है कि वह सीधे दिल तक पहुँचे और पढ़ने वाले को अपने अनुभवों से जोड़ दे।

आज के समय में लोग सोशल मीडिया, व्हाट्सऐप स्टेटस और इंस्टाग्राम कैप्शन के लिए भी अच्छी Love Shayari in Hindi और Mohabbat Shayari की तलाश करते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस संग्रह में ऐसी शायरियाँ शामिल की गई हैं जो न सिर्फ पढ़ने में खूबसूरत हैं, बल्कि शेयर करने के लिए भी बेहतरीन हैं। उम्मीद है कि इन शायरियों में आपको अपने दिल की बात जरूर मिलेगी और हर शब्द आपके जज़्बातों को एक नई आवाज़ देगा।

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Mohabbat Shayari in Hindi 

उसे जब याद आएगा वो पहली बार का मिलना,
तो पल-पल याद रखेगा या सब कुछ भूल जाएगा।
उसे जब याद आएगा गुज़रे मौसम का हर लम्हा,
तो खुद ही रो पड़ेगा या खुद ही मुस्कुराएगा।

 

बोतल में पेप्सी से ज़्यादा,
पुराने मोज़ों की बदबू से भी ज़्यादा,
अदनान सामी की चर्बी से ज़्यादा,
मिठाई की मिठास से ज़्यादा,
पाकिस्तान में भ्रष्टाचार से ज़्यादा,
मैं तुमसे प्यार करता हूँ।

 

मोहब्बत सीखकर करना,
कि बिना सीखे मोहब्बत का सफर दुश्वार होता है।
गिरेबान तार होता है,
कभी इंकार होता है, कभी इकरार होता है।
मोहब्बत सीखकर करना।

 

कितना भी चाहो न भूल पाओगे,
हमसे जितना दूर जाओगे, नज़दीक पाओगे।
हमें मिटा सकते हो तो मिटा दो,
यादें मेरी मगर,
क्या सपनों से जुदा कर पाओगे हमें।

 

तू फूल है बहारों की,
तू चाँद है नज़ारों की,
तेरी क्या तारीफ़ करूँ,
तू तो जान है मेरे दिल की।

 

हर सुबह की धुंध कुछ याद दिलाती है,
हर फूल की खुशबू एक जादू जगाती है,
चाहूँ न चाहूँ कितना भी,
पर आपकी याद रोज़ आ ही जाती है।

 

प्यार तो एहसास है उसके इज़हार का,
ज़ुबान की ज़रूरत क्या है,
प्यार तो खुदाई है उसकी बंदगी की,
नुमाइश की ज़रूरत क्या है।

 

लफ़्ज़ों में क्या तारीफ़ करूँ आपकी,
आप लफ़्ज़ों में कैसे समा पाओगे,
जब लोग हमारे प्यार के बारे में पूछेंगे,
मेरी आँखों में ऐ जानू सिर्फ तुम नज़र आओगे।

 

हम तेरे दिल में रहेंगे एक याद बनकर,
तेरे लब पर खिलेंगे मुस्कान बनकर,
कभी अपने से जुदा न समझना,
हम तेरे साथ चलेंगे आसमान बनकर।

 

रिश्तों में प्यार की मिठास रहे,
न मिटने वाला एक एहसास रहे,
कहने को तो छोटी सी है ज़िंदगी,
मगर लंबी हो जाए अगर,
आपकी दोस्ती का साथ रहे।

 

संगमरमर के महल में तेरी तस्वीर सजाऊँगा,
अपने इस दिल में तेरे ही ख्वाब जगाऊँगा,
यूँ एक बार आज़मा के देख तेरे दिल में बस जाऊँगा,
मैं तो प्यार का हूँ प्यासा तेरे आगोश में मर जाऊँगा।

 

पलकों को हमने जब भी झुकाया है,
बस एक ही ख़याल आया है,
जिस ख़ुदा ने तुम्हें बनाया है,
तुम्हें धरती पर भेजकर भला वो कैसे जी पाया है।

 

ना कुछ हम जाने, ना कुछ वो जाने,
फिर प्यार ये कैसा,
कि दोनों कुछ न जाने।
प्यार तो होता है एक-दूसरे की भावना जानने के लिए,
पर यहाँ तो हाल ऐसा है कि ना कुछ हम जाने और ना कुछ वो जाने।
यार दोनों को है प्यार बेशुमार,
पर ना कुछ वो जाने, ना कुछ हम जाने।
यार बात करोगे तो जानोगे,
कि सोचते ही रह जाओगे।
और एक दिन ऐसा आएगा कि,
ना कुछ हम जाने,
और वो सब कुछ जाने।
पर किसी और के लिए,
क्योंकि उसे किसी ने बताया कि,
हम तो ये जाने कि तुम्हारे दिल में क्या है।

दिल को छू लेने वाली मोहब्बत शायरी 

आपकी ज़िंदगी में कभी कोई ग़म न हो,
आपकी आँखें कभी नम न हों,
आपको मिले ज़िंदगी की हर खुशी,
भले ही उस खुशी में हम न हों।

 

एक बार कर के ऐतबार लिख दो,
कितना है मुझसे प्यार लिख दो,
कटती नहीं ये ज़िंदगी अब तेरे बिन,
कितना और करूँ इंतज़ार लिख दो।
तरस रहे हैं बड़ी मुद्दतों से हम,
अपनी मुहब्बत का इज़हार लिख दो,
दीवाने हो जाएँ जिसे पढ़ के हम,
कुछ ऐसा तुम एक बार लिख दो।

 

ख़त्म अपनी चाहतों का सिलसिला कैसे हुआ,
तू तो मुझमें जज़्ब था मुझसे जुदा कैसे हुआ।
वो जो सिर्फ तेरे और मेरे दरमियाँ एक बात थी,
आओ सोचें शहर उससे आशना कैसे हुआ।
चुभ गईं सीने में टूटी ख़्वाहिशों की किरचियाँ,
क्या लिखूँ दिल टूटने का हादसा कैसे हुआ।
जो रंग-ए-जान था कभी मिलता है अब रुख फेर कर,
सोचता हूँ इस क़दर वो बेवफ़ा कैसे हुआ।

 

हर कोई पूछता है, करते क्या हो तुम,
जैसे मोहब्बत कोई काम ही नहीं।

 

जब शाम उतरती है क्या दिल पे गुज़रती है,
साहिल ने बहुत पूछा ख़ामोश रहा पानी।

 

कब तक वो मेरा होने से इंकार करेगा,
खुद टूट कर वो एक दिन मुझसे प्यार करेगा,
इश्क़ की आग में उसको इतना जला देंगे,
कि इज़हार वो मुझसे सर-ए-बाज़ार करेगा।

 

चलो खो जाते हैं फिर से उन सपनों में,
जहाँ तेरा और मेरा मिलन होगा,
बिना अपनों के,
हसीन सपनों में।

 

लाखों में इंतिख़ाब के क़ाबिल बना दिया,
जिस दिल को तुमने देख लिया दिल बना दिया,
पहले कहाँ ये नाज़ थे, ये इश्वा-ओ-अदा,
दिल को दुआएँ दो तुम्हें क़ातिल बना दिया।

 

मेरे सुकून को लौटा दे कोई,
इन लरज़ते होंठों से मुस्कुरा दे कोई।
बहुत दर्द समा रखा इस सीने में,
दवा बनकर इस दर्द को मिटा दे कोई।
मुझे भी मुस्कुराने की तमन्ना है बहुत,
इस ग़म के समंदर में खुशियाँ ला दे कोई।
तन्हा चलते-चलते अब थक गया हूँ मैं,
सफ़र की इस तन्हाई को आकर मिटा दे कोई।
जीने के लिए मेरे पास यादों के सिवा कुछ नहीं,
मरने के लिए अपनी मुहब्बत का सहारा दे दे कोई।

 

तेरे नाम को अपने होंठों पर सजाया है मैंने,
तेरी रूह को अपने दिल में बसाया है मैंने,
दुनिया तुम्हें ढूँढते-ढूँढते हो जाएगी पागल,
दिल के ऐसे कोने में छुपाया है मैंने।

 

चाहा है तुम्हें अपने अरमान से भी ज़्यादा,
लगती हो हसीन तुम मुस्कान से भी ज़्यादा,
मेरी हर धड़कन हर साँस है तुम्हारे लिए,
क्या माँगोगे जान मेरी जान से भी ज़्यादा।

Romantic Mohabbat Shayari 

मेरी मोहब्बत है वो कोई मजबूरी तो नहीं,
वो मुझे चाहे या मिल जाए, ज़रूरी तो नहीं,
ये कुछ कम है कि बसा है मेरी साँसों में वो,
सामने हो मेरी आँखों के ज़रूरी तो नहीं।

 

हम तो लुट गए उनकी एक मुस्कान पर,
अदाएँ देखकर फँस गए मोहब्बत में,
गर ख़ुदा भी पूछे क़यामत पर,
तो कह देंगे कि मिट गए शराफ़त में।

 

कलम थी हाथ में लिखना सिखाया आपने,
ताकत थी हाथ में हौसला दिलाया आपने,
मंज़िल थी सामने रास्ता दिखाया आपने,
हम तो सिर्फ दोस्त थे,
आशिक़ बनाया आपने।

 

आज कितने दिनों बाद हुई ये बरसात है,
याद दिलाती ये आपकी हर बात है,
मुझे मालूम है आपकी आँखों में है नींद,
आप चैन से सो जाओ कितनी हसीन रात है।

 

ख़्वाहिश-ए-ज़िंदगी बस,
इतनी सी है अब मेरी,
कि साथ तेरा हो और,
ज़िंदगी कभी खत्म न हो।

 

तुम बिन कैसे जिया जाए,
जियूँ मैं कैसे तुम बिन,
लंबी हैं रातें सदियों से भी,
रातों से भी लंबे हो गए हैं ये दिन।

 

तुम ही हो फागुन की सर्द हवा,
मौसम की पहली बरसात सी तुम हो,
समंदर से भी गहरी,
आशिकों के ख़्वाब सी तुम हो।

 

वो मोहब्बतें जो तुम्हारे दिल में हैं,
उसे ज़ुबान पर लाओ और बयां कर दो,
आज बस तुम कहो और कहते ही जाओ,
हम बस सुनें ऐसे बे-ज़ुबान कर दो।

 

मेरी चाहतें तुमसे अलग कब हैं,
दिल की बातें तुमसे छुपी कब हैं।
तुम साथ रहो दिल में धड़कन की जगह,
फिर ज़िंदगी को साँसों की ज़रूरत कब है।

 

ख़ुदा ने मुझसे कहा,
तू चाहे लाख सजदे कर,
ना वो तेरा था,
ना है,
और ना ही होगा।
हमने भी दिल से कहा,
ऐ ख़ुदा,
वो मेरा हो चाहे ना हो,
मुझे तो उसी से इश्क़ था,
उसी से इश्क़ है,
और उसी से इश्क़ रहेगा।

 

मेरी ज़िंदगी की ये सबसे बड़ी तमन्ना है,
मेरे पास रहो तुम हमेशा मेरी साँस बनके।

 

अगर प्यार नहीं करना हो तो दिल को न लगाना,
अपना चैन खोकर खुद को न रुलाना।
जिस दिल को प्यार करना न हो उसको तोड़ देना,
ये आज का नहीं है किस्सा है पुराना।
उल्फत में आज देखो कोई क्या से क्या बना है,
कोई अश्क है बहाता कोई बन गया दीवाना।
कुछ लोगों ने प्यार को ऐसे बदनाम कर दिया,
क्यों करते हो प्यार जब आता नहीं निभाना।
कुछ लड़के-लड़कियाँ प्यार को क्यों खेल समझते हैं,
सागर को बता दो ये क्यों करता है ज़माना।

 

तुम ज़िंदगी में आ तो गए हो मगर ख़याल रखना,
हम जान दे देते हैं मगर जाने नहीं देते।

 

छोटी-छोटी बातों में,
हम हँसते थे, रोते थे,
तब से तुमसे प्यार किया।

जब बिन मौसम बरसातों में,
हम झूम-झूम के गाते थे,
तब से तुमसे प्यार किया।

जब चुप-चुप के आधी रातों में,
छत पर तारे गिनते थे,
तब से तुमसे प्यार किया।

अब तो खुद भी भूल चुका हूँ,
कि कब से तुमसे प्यार किया,
बस इतना ही कह सकता हूँ, कि सिर्फ तुमसे,
तुम्हीं से प्यार किया।

Sad Mohabbat Shayari in Hindi 

दिल प्यार के बिना खाली है,
मन ज्ञान के बिना खाली है।
आँखें सपनों के बिना खाली हैं,
और मेरी ज़िंदगी तुम्हारे बिना खाली है।

 

प्यार वो एहसास है जो मिटता नहीं,
प्यार वो पर्वत है जो झुकता नहीं,
प्यार की कीमत क्या है हमसे पूछो,
प्यार वो अनमोल हीरा है जो बिकता नहीं।

 

सोच रहा था कि जवाब क्या भेजूँ,
आप जैसे दोस्त को तोहफ़ा क्या भेजूँ,
गुलदस्ता भेजना तो बेवकूफी होगी,
क्योंकि जो खुद गुलाब है उसे गुलाब क्या भेजूँ।

 

मेरे वजूद में काश तू उतर जाए,
मैं देखूँ आईना और तू नज़र आए,
तू हो सामने और ये वक्त ठहर जाए,
ये ज़िंदगी तुझे देखते हुए गुज़र जाए।

 

प्यार, मोहब्बत, आशिकी,
ये बस अल्फ़ाज़ थे,
मगर जब तुम मिले,
तब इन अल्फ़ाज़ों को मायने मिले।

 

मेरी हर नज़र में बसी है तू,
मेरी हर क़लम पर लिखी है तू,
तुझे सोच लूँ तो ग़ज़ल मेरी,
न लिख सकूँ तो वो ख़याल है तू।

 

ना आप कुछ कहना, ना हम कुछ कहेंगे,
आप भी चुप रहना, हम भी चुप रहेंगे,
हर बात का एहसास हो जाएगा सनम,
जब हमारे होंठ आपके होंठों से मिलेंगे।

 

बहके-बहके ही अंदाज़-ए-बयाँ होते हैं,
आप जब होते हैं तो होश कहाँ होते हैं।

 

कुछ लोग टूट कर चाहते हैं,
कुछ लोग चाह कर टूट जाते हैं,
हमें तुमसे है कितनी मोहब्बत,
कभी आओ हमारे पास तुम्हें बताते हैं।

 

तुम्हारी प्यार भरी निगाहों को हमें कुछ ऐसा गुमान होता है,
देखो ना मुझे इस कदर मदहोश नज़रों से,
कि दिल बेईमान होता है।

 

तुझे दिल से जुदा कभी होने नहीं देंगे,
तुझे नींद भी आए तो सोने नहीं देंगे,
तेरा प्यार हमें इतना प्यारा है कि,
हम मर भी गए तो तुझे रोने नहीं देंगे।

 

अब आ गए हो आप तो,
आता नहीं कुछ याद,
वरना कुछ हमको आपसे,
कहना ज़रूर था।

 

जानते हो मोहब्बत किसे कहते हैं?
किसी को सोचना, सोचकर मुस्कुराना,
फिर आँसू बहाकर सो जाना,
उसे मोहब्बत कहते हैं।

 

पोथी पढ़-पढ़ जग मुआ,
पंडित भया न कोय,
ढाई आखर प्रेम का,
पढ़े सो पंडित होय।

 

अगर ज़िंदगी में जुदाई न होती,
तो कभी किसी की याद आई न होती,
साथ ही गुज़रता हर लम्हा तो शायद,
रिश्तों में ये गहराई न होती।

 

बादलों से कह दो अब इतना भी ना बरसे,
अगर मुझे उनकी याद आ गई,
तो मुकाबला बराबरी का होगा।

 

हर कोई पूछता है, करते क्या हो तुम,
जैसे मोहब्बत कोई काम ही नहीं।

 

तुम्हारी इस अदा का क्या जवाब दूँ,
अपने दोस्त को क्या उपहार दूँ,
कोई अच्छा सा फूल होता तो माली से मंगवाते,
जो खुद गुलाब है उसको क्या गुलाब दूँ।

 

रब ने जब तुझे बनाया होगा,
एक सुरूर उसके दिल में आया होगा,
सोचता होगा क्या दूँ तोहफ़े में तुझे,
तब उसने मुझे बनाया होगा।

 

काश हम संदेश होते,
एक पल में तुम्हारे पास होते,
भले तुम हमें मिटा देते,
पर कुछ पल के लिए हम तुम्हारा एहसास तो होते।

Heart Touching Mohabbat Shayari in Hindi

तन्हाइयों में उनको ही याद करते हैं,
वो सलामत रहें यही फ़रियाद करते हैं,
हम उनकी ही मोहब्बत का इंतज़ार करते हैं,
उनको क्या पता हम उनसे कितना प्यार करते हैं।

 

एक दिन हमारे आँसू हमसे पूछ बैठे,
हमें रोज़-रोज़ क्यों बुलाते हो,
हमने कहा हम याद तो उन्हें करते हैं,
तुम क्यों चले आते हो।

 

हर फूल की अजब कहानी है,
चुप रहना भी प्यार की निशानी है,
कहीं कोई ज़ख्म नहीं फिर भी क्यों दर्द का एहसास है,
लगता है दिल का एक टुकड़ा आज भी उसके पास है।

 

किस्मत पर ऐतबार किसको है,
मिल जाए खुशी इंकार किसको है,
कुछ मजबूरियाँ हैं मेरे दोस्त,
वरना जुदाई से प्यार किसको है।

 

कल मिला वक्त तो ज़ुल्फ़ें तेरी सुलझा दूँगा,
आज उलझा हूँ ज़रा वक्त को सुलझाने में,
यूँ तो सुलझ जाती हैं उलझी ज़ुल्फ़ें,
उम्र कट जाती है वक्त को सुलझाने में।

 

डरते हैं आग से कहीं जल न जाएँ,
डरते हैं ख़्वाब से कहीं टूट न जाएँ,
लेकिन सबसे ज़्यादा डरते हैं आपसे,
कहीं आप हमें भूल न जाएँ।

 

आया दौर अब नए आशिक़ का,
पुराने आशिक़ों ने आज़माना चाहा।
बताओ क्या कर सकते हो तुम अपनी महबूबा के लिए,
हमने तो क़ुर्बान कर दी थी जान उनके लिए।
सुनकर सवाल नया आशिक़ हँस पड़ा,
बोला जो दर्द सहा है तुमने उसका वक़्त कम था।
बोला हमने तो गुज़ारी दर्द भरी ज़िंदगी ऐसी,
लो सुनाता हूँ आपबीती अपनी।
उनके लिए मैं अपनी सारी उम्र गुज़ार दी,
खून के आँसू थे जो रुकने के इंतज़ार में गुज़ारी।
इसी दौरान चली गई बिनाई हमारी,
मगर वो अब तक भी लौटकर न आई।

 

हम वो आशिक़ हैं,
जो सूरत से नहीं,
सीरत से प्यार करते हैं।
जिस पर जान हम अपनी निछावर करते हैं।
कहने को तो सभी आशिक़ कहते हैं,
मगर हम वो आशिक़ हैं,
जो अपनी महबूब की इज़्ज़त की ख़ातिर,
अपनी मोहब्बत भी छुपा सकते हैं।

 

ये आशिक़ की है नई दास्तान,
सुनकर सभी लोग हो गए परेशान।
मोहब्बत की लड़ाई में जीत ही गया था वो,
अपनी महबूबा को घर ले आया था वो।
खुशी से तो एक दिन बीत गया,
दूसरे ही दिन वो लेट बन गया।
सारे बाराती हो गए परेशान,
सुनकर नौशाह पहुँच गया कब्रिस्तान।

 

आशिक़ का तो अब खून हो गया,
सुनकर दुश्मन खुश हो गया।
गाँव की लड़कियों का बेहाल हो गया,
रोते-रोते कह रही हैं,
हाय ये क्या हो गया।
एक तू ही था अपना जो आज जुदा हो गया।
सुनकर दुश्मन खुश हो गया,
बोला लो मैं आ गया।
सुनकर लड़कियाँ रोने लगीं,
अपने यार को पुकारने लगीं।
ख़ुदा को ये मंज़ूर न हुआ,
भेजा एक नए आशिक़ को।
जो आते ही बोला,
रुक जाओ मेरी जान,
मत हो हैरान।
ख़ुदा ने आज़माया तुमको कर के परेशान,
अब हम भगा देंगे सारे शैतान।

 

आशिक़ ये तुम्हारा है,
दिल जिस पर हारा है।
कहो जो भी कहना है,
सुनने को ये आशिक़ बैठा है।
छेड़ो जितना छेड़ना है,
सताओ जितना सताना है,
मगर फिर भी ये आशिक़,
तुम पर ही मरता है।

 

एक सीख हम तुम्हें सिखा देंगे,
अपना अनुभव तुम्हें बता देंगे।
ना करना मोहब्बत हसीनों से,
ये दिल बड़ी आसानी से तोड़ देंगे।
कहकर दोस्ती ये आशिक़ का,
साथ बड़ी आसानी से छोड़ देंगे।
इनकी बातों पर ना करना विश्वास,
यही अक्सर धोखा दे जाएँगे।
करके भरोसा इन पर अपने ही,
पैर पर हम कुल्हाड़ी मार लेंगे।

Bewafa Mohabbat Shayari in Hindi

ना बन सका मोहब्बत का रिश्ता हमारा,
बिखर गया दिल जो था अरमानों भरा।
बन गया एक नया रिश्ता उनसे हमारा,
कहकर दोस्ती साथ छोड़ा हमारा।
शायद ऊपर वाले को मंज़ूर न था मिलन हमारा,
इसलिए तुड़वा दिया आशियाना हमारा।
ना करना मोहब्बत ऐ दोस्त शादी से पहले,
वरना बन के रह जाओगे देवदास मौत से पहले।

 

शायरों की महफ़िल में आया है नाम हमारा,
करते जब शायरी तो आता है सभी की वाह-वाह का इशारा।
पर उसमें कोई समझता नहीं दुखों की दास्तान हमारी।

 

चेहरे से वो यूँ नक़ाब हटाने को कतराते गए,
बातों ही बातों में बेताबी बढ़ाते गए।
हम तरस गए देखने वो हसीन चेहरा-ए-मुनव्वर,
इतनी थी ख़्वाहिश कि वो ठुकरा के चले गए।
इतना गहरा सदमा पहुँचा इस नादान दिल को,
बिखरे अरमानों को समेट न सके।
हुआ कुदरत का करिश्मा ऐसा,
देखने वो चेहरा,
हमें ब्यूटी पार्लर खोलना पड़ा।
फिर वो नक़ाब हटाना ही था उन्हें,
तो चूमने का मौका मिल गया।

 

क्लास में जब भी उनका ज़िक्र आता है,
उत्तर-पत्र पर कलम चलना शुरू हो जाता है।
लिख देते हैं दास्तान-ए-मोहब्बत,
पर कमबख़्त वो टीचर तक पहुँच जाता है।

 

एक हसीना पर ये दिल अटका,
हुस्न जिसका आफ़ताब सा चमका।
आँखें हैं इनकी प्यारी,
जिस पर लुट गई सारी उम्र हमारी।
देखकर हमें जब ये मुस्कुराए,
सभी ग़म हमने भुलाए।
जिसको देखने की ख़्वाहिश हो एक बार,
सोचो अगर वो बन जाए मलिका-ए-आशिक़ एक बार।
बस इतनी सी इल्तिजा करते हैं हम,
रुसवा ना होना कभी हमसे तुम।

 

एक हसीन लड़की ने हमें दीवाना बनाया,
करना था उसे दिल्लगी इसलिए हमें इस्तेमाल में लाया।
वो जानती न थी हम एक नाज़ुक दिल इंसान हैं,
दे बैठे दिल, अब बाक़ी जिस्म बेजान है।

 

दिल तोड़ दिया आपने हमारा,
अब एक आख़िरी एहसान कर दो।
मोहब्बत में पानी न सही,
ज़हर ही पिला दो।

 

जाने आप अपने हैं,
या बेगाने हैं,
पर अच्छा लगता है।
दो पल आपके साथ बिताना।
रिश्ता है जाने क्या आपसे मेरा,
पर ख़्वाबों में आपका आना अच्छा लगता है।
कहने को जब भी ये सोचा मैंने,
कि आप हाँ कह देंगी अब।
लेकिन आपका ना कह जाना अच्छा लगता है।
यक़ीन नहीं है शायद आपको कि,
ग़म मोहब्बत में ही मिलते हैं।
फिर भी दिल का मुस्कुराना अच्छा लगता है।
नज़रों के मिलने से ही दिल की तबाही शुरू होती है,
फिर भी आपसे नज़रें मिलाना अच्छा लगता है।
नहीं पता कि आप हमें प्यार करते भी हैं या नहीं,
फिर भी आपके ख़यालों में खो जाना अच्छा लगता है।

Ishq Mohabbat Shayari in Hindi

सेहरे को वो सजा के आए,
माँ-बाप की खुशियों को लहराते आए।
घर को खुशियाँ ले जाने आए,
हुज़ूर की सुन्नत पर अमल करने आए।
कसम ये कुछ कहने आए,
निभाएँगे भाभी का साथ जब तक ये रूह न जाए।
दुआ तो सबकी ये लेने आए,
खाली न जाए कोई, मिसरी-बादाम ये लाए।
भाई-बहनों की खुशी का कोई पता नहीं,
सबको खुशी ये देकर आए।
बड़े बुज़ुर्गों की हो जब दुआ हम पर,
रहेंगे साथ हम ज़िंदगी भर।
ये कहने आए।

 

हमने एक ऐसी लड़की से मोहब्बत की है,
जो थोड़ी नहीं बहुत शर्मीली है।
हमने जब भी उन्हें प्रपोज़ किया,
उन्होंने सीधा सा एक जवाब दिया।
जो मुझे न समझ आया,
वो कहती हैं कि उनके माता-पिता की मर्ज़ी।
तब मैंने कहा कि मियाँ-बीवी राज़ी तो,
क्या करेंगे माता-पिता और क़ाज़ी।

 

हमारे सब्र का वो इम्तिहान लेती गई,
हमने की उनसे मोहब्बत जो उसकी सज़ा मिलती गई।
ये न कहती कि ये सज़ा है तुम्हारी,
और कभी न सोचती क्या होगी इसकी मजबूरी।
वो अगर समझती है कि हम उनके लायक नहीं,
तो फिर साफ़-साफ़ वो क्यों कहती नहीं,
कि हम उसके क़ाबिल नहीं।

 

हमने तो उनकी ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाया था,
पर उन्होंने हमारी नादानी का ग़लत इस्तेमाल उठाया।
बना दिया हमें जो हम कभी न चाहते थे,
बाँध दिया हमें भाई के रिश्ते में।
जो चुभने वाले धागे से,
इससे बढ़कर ग़म क्या होगा।
जो सिर्फ सहा जाए उनकी यादों से।
वो कह भी दें तो क्या होगा,
वही होगा जो मंज़ूर-ए-ख़ुदा चाहे।

 

तोड़ दिया दोस्ती का रिश्ता हमारा,
जो था सदियों पुराना।
शायद उन्हें मिल गया कोई और यारा।
जाने दो यारो, ये गलती हमारी ही होगी,
जो लगाई थी आस वो सुनहरी न होगी।
उन्हें पसंद होगा कोई और जो हमसे स्मार्ट होगा,
पर उन्हें अभी तक पता नहीं कि दिल से वो ग़रीब होगा।
हम अब और न चाहेंगे और न किसी को दिल देंगे।
ये हुई थी हमसे गलती,
जो अब सुधार लेंगे।
ना देंगे ये दिल अब किसी को,
और न पछताएँगे कभी।
जो हुई है ख़ता, न दोहराएँगे कभी।

 

जो न कहनी थी बात वो कह गए,
जो किए थे वादे वो मुकर गए।
वो क्या जाने ज़ख्म कितनी चोट देगा,
ये तो उन्हें तब पता चलेगा,
जब उनका कोई धोखा दे जाएगा।

निष्कर्ष 

मोहब्बत इंसान की जिंदगी का वह खूबसूरत एहसास है जो हर दिल को किसी न किसी रूप में छू जाता है। कभी यह मुस्कान बनकर जिंदगी को रोशन करती है तो कभी यादों और दर्द के रूप में दिल के करीब रहती है। यही वजह है कि मोहब्बत पर लिखी गई शायरी हर दौर में लोगों की पसंद बनी रहती है।

उम्मीद है कि इस 150+ Mohabbat Shayari in Hindi के संग्रह में आपको अपने दिल के जज़्बातों से जुड़ी कई बेहतरीन शायरियाँ पसंद आई होंगी। चाहे आप अपने प्यार का इज़हार करना चाहते हों, किसी खास की याद में खोए हों या फिर दिल के एहसासों को शब्द देना चाहते हों, ये शायरियाँ आपके भावों को खूबसूरती से बयां करने में मदद करेंगी। 

यदि आपको यह संग्रह पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों और चाहने वालों के साथ जरूर साझा करें और अपनी पसंदीदा शायरी को सोशल मीडिया पर शेयर करना न भूलें।

 

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